सूचना का अधिकार अधिनियम  2005
अनुक्रमणिका



 

संगठनः-  सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्‍ट्रानिक विभाग, औद्योगिक विकास आयुक्‍त एवं प्रमुख सचिव शाखा का एक अंग है। विभाग प्रमुख सचिव सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्‍ट्रानिक के नियंत्रणाधीन है जिनका वर्तमान में कार्यालय श्री लाल बहादुर शास्त्री भवन एनक्‍सी के चतुर्थ तल के कक्ष संख्या 422 लघु उद्योग में स्थित है। विभाग में वर्तमान में प्रमुख सचिव के अतिरिक्त दो विशेष सचिव एक अनुसचिव तैनात है। विभाग के अर्न्तगत दो अनुभाग क्रमशः आई०टी० एवं इलेक्‍ट्रानिक अनुभाग-1 व 2 कार्यरत है।
 

विभाग का संगठनात्मक ढांचा निम्नवत हैः-

 

  

 

विभाग के क्रियाकलापः-
 

  1. सूचना प्रौद्योगिकी सशक्‍त सेवाओं को जन साधारण तक पहुँचाना।

  2. सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकार व जन साधारण के बीच संवाद।

  3. ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्रों में सूचना प्रौद्योगिकी सम्बन्धित अवस्थापना सूचना उपलब्ध कराया जाना जो विकास की गति में सहायक हो।

  4. सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से शासकीय कार्यों में पारदर्शिता लाना।

  5. स्कूलों, विद्यालयों तथा शैक्षिक संस्थाओं में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग को गति प्रदान करना/बढ़ाना।

  6. सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से कार्यों में सरलता लाकर मानव शक्ति की उत्पादकता में वृद्धि लाना।

  7. सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर तथा सेवापरक उद्योगों की क्षमता में वृद्धि किया जाना।
     

दायित्वः- उत्तर प्रदेश में इलेक्‍ट्रानिक तथा सूचना प्रौद्योगिकी उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 1994 के दौरान कई नीतिगत उपाय किये गये थे तथा वर्ष 2004 में उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी नीति 2004 निर्गत किया गया।
विभाग में तैनात समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों का मुख्य दायित्व शासन की नीतियों/प्रचलित अधिनियमों/नियमों के अनुसार सूचना प्रौद्योगिकी एवं इसमें आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना है।

सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्‍ट्रानिक विभाग उ०प्र० शासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मुख्य दायित्व शासकीय नियमों अधिनियमों एवं शासन द्वारा समय-समय पर लिए गये निर्णयों का अनुपालन सुनिश्चित कराना है। सचिवालय सेवा संवर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के दायित्वों का विस्तृत विवरण सचिवालय प्रशासन विभाग द्वारा जारी सचिवालय नियम संग्रह सचिवालय मैनुवल में अंकित है।

आई०टी० एवं इलेक्‍ट्रानिक विभाग के अंतर्गत दो अनुभाग कार्यरत है अनुभागों के बीच कार्य बटवारा निम्नवत हैः-
आई०टी० एवं इलेक्‍ट्रानिक अनुभाग -1

  1. उ०प्र० इलेक्‍ट्रानिक निगम लि० का शासन स्तरीय समस्त कार्य।

  2. सॉफ्टवेयर टेक्‍नोलाजी पार्क/सिटी/इन्फोटेक पार्क से सम्बन्धित कार्य।

  3. आई०टी० इलेक्‍ट्रानिक की नयी परियोजनायें।

  4. आई०टी० इलेक्‍ट्रानिक उद्योगों में पूंजी निवेश।

  5. आई०टी० इलेक्‍ट्रानिक इकाईयों को मार्जिन मनी/सब्सिडी/वेंचर कैपिटल/वर्किंग कैपिटल की व्यवस्था करना।

  6. आई०टी० इलेक्‍ट्रानिक उद्योगों की रूग्ण/बन्द इकाइयों के पुनर्वासन।

  7. इलेक्‍ट्रानिक एवं आई०टी० क्षेत्र में उद्यमिता विकास कार्यक्रमों का आयोजन।

  8. प्रदेश में इलेक्‍ट्रानिक एवं आई०टी० उद्योग के निर्यात को बढ़ावा देना।

  9. प्रदेश में इलेक्‍ट्रानिक एवं आई०टी० उद्योग की सम्भावनाओं का प्रचार एवं प्रसार।

  10. प्रदेश में आई०टी० इनेबिल्ड सर्विसेज के प्रसार हेतु आवश्यक कार्यवाही करना।

  11. आई०टी० एवं इलेक्ट्रानिक्स उद्योग हेतु आई०एस०ओ० 9000 एवं सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग सर्टिफिकेशन प्राप्त करने हेतु संस्थाओं की स्थापना करना।

  12. आई०टी० एवं इलेक्‍ट्रानिक उद्योग हेतु सिंगिल टेबुल कार्य प्रणाली लागू करना।

  13. प्रदेश में ई- मेल व ई- कामर्स आदि पढ़ाने हेतु इन्फारमेशन सुपरवाइजर बनाने के लिए नोडल एजेन्सी के रूप में कार्य करना।  

  14. आई०टी० डेस्टिनेशन के रूप में उ०प्र० की इमेज बिल्डिंग एवं इस हेतु पूंजी निवेशकों को आमंत्रित करने हेतु प्रदेशों में डेलीगेशन ले जाना।

  15. विभिन्न उद्यमी संगठनों जैसे नेसकाम, मेट, ई०एस०बी० आदि से समन्वय/एम०ओ०यू०।

  16. अपट्रान इण्डिया लि० के कार्मिकों का विभिन्न शासकीय विभागों में समायोजन/स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना/अपट्रान के सम्बंध में निर्णय।

  17. प्रदेश में आप्टिकल फाइबर केबिल नेटवर्क की स्थापना।

  18. प्रदेश में विडियो कान्फेंसिंग योजना का क्रियान्वयन।

  19. इन्टरनेट वेबसाईट तथा सॉफ्टवेयर का विकास/विभागीय वेबसाइट का विकास।

  20. मुख्यमंत्री सन्दर्भ/भारत सरकार के सन्दर्भ/मुख्य सचिव सन्दर्भ।

  21. आयोजनागत वित्तीय एवं भौतिक उपलब्धियों के सम्बंध में नियोजन विभाग में आयोजित मासिक समीक्षा बैठकों के संबंध में कार्यवाही।

  22. मासिक अर्द्धशासकीय पत्रों एम०डी०ओ० का प्रेषण।

  23. मासिक विभागीय प्राथमिकताओं का निर्धारण व उनकी प्रगति से अवगत कराने की कार्यवाही ।

  24. विभिन्न परियोजनाओं हेतु भारत सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त किया जाना व भारत सरकार में लम्बित विभागीय परियोजनाओं के सम्बंध में सूचनाओं का प्रेषण।

आई०टी० एवं इलेक्‍ट्रानिक अनुभाग -2

  1. उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कारपोरेशन लि० का शासन स्तरीय समस्त कार्य।

  2. विभिन्न सरकारी विभागों/निगमों आदि में कम्प्यूटरीकरण एवं कम्प्यूटर प्रशिक्षण।

  3. प्रदेश में विभिन्न नेटवर्कों का सुदृढ़ीकरण करके उनको आपस में जोड़ना।

  4. प्रदेश के सारे सरकारी कार्यालयों में शनैः शनैः इन्टरनेट की व्यवस्था करना।

  5. विभिन्न शासकीय विभागों के आन्तरिक प्रबन्धन एवं जनता से सूचना का आदान प्रदान करने को सुलभ बनाने हेतु सॉफ्टवेयर विकसित करना तथा उसका उपयोग।

  6. प्रदेश में इन्फार्मेशन कियास्कों का विकास।

  7. आई०टी० एवं इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों के लिए रेट कान्ट्रेक्‍ट जारी करना तथा क्रय नीति का निर्धारण।

  8. प्रदेश में इन्फार्मेशन टेक्‍नोलाजी एवं इलेक्‍ट्रानिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का निर्धारण।

  9. आई०टी० उद्योग के प्रसार हेतु प्रदेश के इंजीनियरिंग कालेजों और सॉफ्टवेयर टेक्‍नोलाजी पार्क में समन्वय स्थापित करना।

  10. प्रदेश में एक बोर्ड आफ कम्प्यूटर एजूकेशन स्थापित कराना।

  11. प्रदेश में कानपुर और इलाहाबाद में इण्डियन इन्स्टीट्यूट आफ इन्फार्मेशन टेक्‍नोलाजी की स्थापना।

  12. प्रदेश में कम्प्यूटर शिक्षकों को प्रशिक्षण की व्यवस्था हेतु संस्था तैयार करना।

  13. प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना।

  14. प्रदेश में कम्प्यूटर की डिस्टेन्स लर्निग व्यवस्था।

  15. प्रदेश हेतु घोषित सूचना प्रौद्योगिकी नीति 2004 का क्रियान्वयन करना तथा आई०टी० एवं इलेक्‍ट्रानिक विभाग के सम्बंध में आई०टी० मिशन का क्रियान्वयन करना।

  16. उक्‍त से सम्बन्धित विधान सभा/विधान परिषद/राज्य सभा/लोक सभा प्रश्न से सम्बंधित समस्त कार्य तथा विनियमीकरण समिति के कार्य।

  17. मा. राज्यपाल/मा. वित्त मंत्री/मा. मंत्री जी के बजट भाषण।

  18. मुख्यमंत्री सन्दर्भ/भारत सरकार/सांसदों/विधायकों के लम्बित सन्दर्भों के समन्वय का कार्य।

  19. आई०टी० एवं इलेक्‍ट्रानिक विभाग के बजट समन्वय समबंधी समस्त कार्य।

  20. उ०प्र० महार्षि विश्वविद्यालय की स्थापना व अन्य सम्बंधी समस्त कार्य।

  21. उ०प्र० जगदगुरू विकलांग विश्वविद्यालय की स्थापना व अन्य सम्बंधी समस्त कार्य।

  22. उक्‍त से सम्बन्धित विधान सभा/विधान परिषद/राज्य सभा/लोक सभा प्रश्न से सम्बन्धित समस्त कार्य।

  23. आई०टी० एडवाइजरी ग्रुप की बैठकों का आयोजन व उनमें लिए गये निर्णयों का क्रियान्वयन।

  24. आई०टी० स्टेयरिंग कमेटी की बैठकों का आयोजन व उनमें लिए गये निर्णयों का क्रियान्वयन।

  25. आई०टी० विजनग्रुप की बैठकों का आयोजन व उनमें लिए गये निर्णयों का क्रियान्वयन।

  26. विभागीय नीति निर्धारण सेल की बैठकों का आयोजन व उनमें लिए गये निर्णयों का क्रियान्वयन।

समीक्षाधिकारी वार अनुभागों में कार्य बंटवारा निम्नवत हैः-

आई०टी० एवं इलेक्‍ट्रानिक अनुभाग -1
श्री अशोक कुमार

 

  1. प्रदेश में सॉफ्टवेयर टेक्नोलाजी पार्क/स्मार्ट सिटी/इन्फोटेक पार्क की स्थापना से सम्बन्धित कार्य।

  2. प्रदेश में आप्टिकल फाइबर केबिल नेटवर्क की स्थापना हेतु नीति का निर्धारण तथा अनुमति प्रदान किए जाने संबंधी समस्त कार्य।

  3. आई०टी० क्षेत्र की नई परियोजनाएं/प्रदेश में आई०टी० उद्योग की सम्भावनाओं का प्रचार/प्रसार।

  4. आई०टी०-1 के बजट/प्लान से सम्बन्धित कार्य।

  5. आई०टी० इलेक्‍ट्रानिक की इकाईयों को मार्जिन मनी/सब्सिडी/वेंचर कैपिटल/वर्किंग कैपिटल की व्यवस्था कराना।

  6. आई०टी० एवं इलेक्‍ट्रानिक उद्योग हेतु सिंगिल टेबुल कार्य प्रणाली लागू करना।

  7. प्रदेश में ई-मेल व ई-कामर्स आदि बढाने हेतु इनफार्मेशन सुपरवाइजर बनाने के लिए नोडल एजेन्सी के रूप में कार्य करना।

  8. अपट्रान इंडिया लि० के कार्मिको का विभिन्न शासकीय विभागों में समायोजना/स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना/अपट्रान के संबंध में निर्णय।

  9. प्रदेश में वीडियो कान्फ्रेसिंग योजना का क्रियान्वयन।

  10. मासिक विभागीय प्राथमिकताओं का निर्धारण व उनकी प्रगति से अवगत कराने की कार्यवाही।

  11. विभिन्न परियोजनाओं हेतु भारत सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त किया जाना व भारत सरकार में लम्बित विभागीय परियोजनाओं के समबंध में सूचनाओं का प्रेषण।

  12. आई०टी० एवं  इलेक्‍ट्रानिक  उद्योग हेतु आई.एस.ओ़ 9000 एवं सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग सर्टिफिकेशन प्राप्त करने हेतु संस्थाओं की स्थापना।

  13. अनुभाग अधिकारी द्वारा समय-समय पर सौंपे गये अन्य कार्य।

2. श्री सुनील कुमार
 

  1. उ०प्र० इलेक्‍ट्रानिक निगम के शासन स्तरीय समस्त कार्य।

  2. आई०टी० एवं इलेक्‍ट्रानिक उद्योगों में पूंजी निवेश।

  3. आई०टी० एवं इलेक्‍ट्रानिक उद्योगों की रूग्ण/बन्द इकाईयों के पुर्नवासन।

  4.  इलेक्‍ट्रानिक एवं आई०टी० क्षेत्र में उद्यमिता विकास कार्यक्रमों का आयोजन।

  5. प्रदेश में इलेक्‍ट्रानिक एवं आई०टी० उद्योग के निर्यात को बढ़ावा देना।

  6. प्रदेश में आई०टी० इनेबिल्ड सर्विसेज के प्रसार हेतु आवश्यक कार्यवाही करना।

  7. आई०टी० डेस्टीनेशन के रूप में उत्तर प्रदेश की इमेज बिल्डिंग एवं इस हेतु पूंजी निवेशकों को आमंत्रित करने हेतु प्रदेशों में डेलीगेशन ले जाना।

  8. विभिन्न उद्यमी संगठनों जैसेः- नेसकाम, मेट, ईएस़बी. आदि से समन्वय/एम़ओ़यू.।

  9. इन्टरनेट वेबसाइट तथा सॉफ्टवेयर का विकास/विभागीय वेबसाइट का विकास।

  10. मुख्यमंत्री सन्दर्भ/भारत सरकार के सन्दर्भ/मुख्य सचिव सन्दर्भ।

  11. मासिक अर्द्धशासकीय पत्रों एम़.डी.ओ का प्रेषण।

  12. आयोजनागत वित्तीय एवं भौतिक उपलब्धियों के संबंध में नियोजन विभाग के आयोजित मासिक समीक्षा बैठकों के संबंध में कार्यवाही।

  13. अनुभाग अधिकारी द्वारा समय-समय पर सौंपे गये अन्य कार्य।
     

     

आई०टी० एवं इलेक्ट्रनिक अनुभाग -2
श्री राजेंद्र कुमार
 

  1. विभिन्न सरकारी विभागों/निगमों आदि के कम्प्यूटरीकरण हेतु कम्प्यूटर क्रय नीति का निर्धारण।

  2. विभिन्न सरकारी विभागों/निगमों/अध्यापकों के प्रशिक्षण हेतु नीति का निर्धारण।

  3. यूपीडेस्को के कार्मिकों के अधिष्ठान से सम्बन्धित समस्त कार्य।

  4. उपरोक्त से सम्बन्धित कोर्ट केस/लोक सभा/राज्य सभा।

  5. प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में इण्टरनेट की व्यवस्था।

  6. उ०प्र० सचिवालय के विभिन्न भवनों की कम्प्यूटर केबिलिंग।

  7. उ०प्र० सचिवालय का कम्प्यूटरीकरण।

  8. कम्प्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निर्धारण।

  9. मा० राज्यपाल/मा० वित्तमंत्री/मा० मंत्री जी के बजट भाषण।

  10. प्रदेश में एक बोर्ड आफ कम्प्यूटर एजूकेशन की स्थापना।

  11. आई०टी० एवं इलेक्‍ट्रानिक विभाग के बजट समन्वय संबंधी समस्त कार्य।

  12. विभिन्न विभागों में गठित कम्प्यूटर क्रय समितियों की बैठक से सम्बन्धित समस्त कार्य।

  13. यूपीडेस्को में आयोजित की जाने वाली ट्रेड संबंधी बैठकों से सम्बन्धित कार्य।

  14. अनुभाग अधिकारी द्वारा दिये गये अन्य कार्य।
     

     

श्री के. के शर्मा
 

  1. प्रदेश में स्थापित किए जाने वाले सूचना प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयों से सम्बन्धित समस्त कार्य।

  2. उपरोक्त से व इससे समबन्धित विधान सभा/विधान परिषद, राज्य सभा/लोक सभा प्रश्न।

  3. आई०टी० एडवाइजरी ग्रुप की बैठक।

  4. आई०टी० स्टेयरिंग कमेटी की बैठक।

  5. आई०टी० विजन ग्रुप की बैठकों के आयोजन से सम्बन्धित समस्त कार्य।

  6. उपरोक्त बैठकों में लिए गये निर्णयों का क्रियान्वयन।

  7. आई०आई०आई०टी० इलाहाबाद की स्थापना से सम्बन्धित समस्त कार्य।

  8. आई०आई०टी० कानपुर द्वारा यू०पी० डिसीजन सर्पोट सिस्टम परियोजना से सम्बन्धित समस्त कार्य।

  9. प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्रो की स्थापना।

  10. कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के विकास से सम्बन्धित समस्त कार्य।

  11. प्रदेश हेतु घोषित सूचना प्रौद्योगिकी नीति, 1999  के आई०टी० अनुभाग-2 से सम्बन्धित बिन्दुओं का क्रियान्वयन।

  12. मुख्यमंत्री सन्दर्भ/भारत सरकार/मा० सांसदों/मा० विधायकों के लम्बित सन्दर्भों के समन्वय का कार्य।

  13. विनियमीकरण समिति के कार्य।

  14. नीति निर्धारण सेल की बैठकों का आयोजन व उसमें लिए गये निर्णयों का क्रियान्वयन।

  15. सूचना प्रौद्योगिकी ब्यूरों की स्थापना।

  16. विभागीय आई०टी० टास्क फोर्स की बैठकों का आयोजन व उसमें लिए गये निर्णयों का क्रियान्वयन।

  17. यूपीडेस्को से सम्बन्धित आडिट प्रस्तर।

  18. अनुभाग अधिकारी द्वारा दिये गये अन्य कार्य।

    सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेश शासन

    स्थान का नामः सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, श्री लाल बहादुर शास्त्री भवन, लखनऊ

    क्रं.सं.

    नाम/ पदनाम

    आवासीय पता

    दूरभाष नं० कार्यालय

    1.

    श्री अनिल कुमार गुप्ता,
    अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त एवं प्रमुख सचिव

     

     0522-2238283

    2.

    श्री जीवेश नंदन,
    प्रमुख सचिव,
    आई० टी० एवं इलेक्ट्रानिक्स

    101 बापू भवन,  सचिवालय लखनऊ

    0522-2235344
    3.

    श्री एस. सी गुप्ता,
    विशेष सचिव

     

    0522-2214759

    4.

    श्री पी. बी सिंह
    अनु सचिव

     

     

    5.

    श्री अशोक कुमार,
    अनुभाग अधिकारी, अनु०-1

     

    0522-2215146

    6.

    श्री राजेंद्र कुमार,
    अनुभाग अधिकारी, अनु०-2

     

    0522-2215146

    ऊपर

    10. सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेश शासन

    चालू वित्तीय वर्ष 2007-08 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि

    क्रं.सं.

    योजना का नाम

    कुल परलब्धियां रू. (लाख में) में

    1.

    वेबसाईट उन्नयन एवं सृजन (यूपीडेस्को) 200.00

    2.

    व्यापार मेलों आदि में प्रतिभाग/प्रस्तुतिकरण समाचार श्के माध्यम से प्रचार व प्रसार (यूपीडेस्को) 15.00

    3.

    आई.टी.ई.-गवर्नेस पुरस्कार  (यूपीडेस्को) 10.00

    4.

    मण्डलय मुख्यालायों पर शासकीय कर्मचारियों के कम्प्यूटर प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना (यूपीएलसी) 50.00

    5.
     

    जिला/तहसील तथा विकास खण्ड स्तर पर कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना (यूपीएलसी) 50.00

    6.

    लोकवाणी / ई-सुविधा कार्यक्रम (एन.आई.सी./ई-सुविधा सोसायटी) 200.00

    7.
     

    नेशनल ई-गवर्नेस एक्शन प्लान (कैपसिटी बिल्डिंग) 500.00

    8.

    सूचना संग्रह के लिए डिजिटल लाईब्रेरी (यूपीडेस्को) 100.00

    9.

    शासकीय कार्यालयों का आधुनिकीकरण (एन.आई.सी.) 100.00

    10.

    ऑन लाईन टेस्टिंग तथा मानव संसाधन विकास (यूपीडेस्को) 25.00

    11.

    विभागीय सूचनाओं का डिजिटाईजेशन (यूपीडेस्को) 105.00

    12.

    स्टेट डाटा सेन्टर की स्थापना (यूपीडेस्को) 0.01

    13.
     

    सचिवालय कम्प्यूटरीकरण 0.01

    14.

    सॉफ्टवेयर टेक्नोलाजी पार्क की स्थापनॉ 0.01

    15.

    यूपी स्वान की स्थापना 0.01

     

    योग 1355.00

नॉन प्लान (आयोजनेत्तर)

क्रमांक योजना का नाम

आयोजनेत्तर
रू. (लाख में) में

1

2

3

1 यूपीडेस्को को अनुदान (यूपीडेस्को) 145.00
2 अध्यक्ष. अपट्रॉन इण्डिया लि० के मानदेय एवं एवं अन्य भत्ते आदि ( अपट्रॉन इण्डिया लि०) 0.60
  योग = 145.00

11. विभाग द्वारा ऐसी कोई योजना नहीं चलाई जा रही है जिसमें किसी प्रकार की कोई सब्सिडी दी जा रही है।

12. सूचना प्रौद्योगिकी नीति 2004 के अन्तर्गत सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग की प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कई प्रकार की छूट का प्राविधान किया गया है जो कि विभाग की वेब साईट  पर उलब्ध है विभाग द्वारा किसी प्रकार के परमिट जारी नही किए जाते है अपितु प्रदेश की निजी क्षेत्रों को भूमि के अन्दर आप्टिकल फाईबर केबिल बिछाने हेतु अनुमति प्रदान की जाती है जिसका विवरण उपरोक्त बिन्दु-5-1 में दी गयी है।

13. विभाग से सम्बन्धित विभिन्न सूचनाएं, जिसमें योजनाऐं, कार्यकलाप, शासनादेश, एक्ट एवं रूल्स आदि को विभाग की वेबसाईट पर रखा गया है जो कि समय-समय पर अद्यतन होती रहेगी। विभाग के कार्यों से सम्पादित कोई सूचना यदि कोई प्राप्त कर सकता है।

14. यदि कोई व्यक्ति विभाग के कार्यों से सम्बन्धित कोई जानकारी चाहता है तो वह विभाग के जन सूचना अधिकारी श्री बी० एन० अग्रवाल, विशेष सचिव, आई०टी० एवं इलेक्‍ट्रानिक से सम्पर्क कर सूचना प्राप्त कर सकता है। सूचना प्राप्त कर्ता को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अन्तर्गत निर्धारित फीस औद्योगिक विकास आयुक्त शाखा के कोषाधिकारी के पास जमा करनी होगी विभाग से समबन्धित सूचनाएं विभाग की वेबसाईट  पर उपलब्ध है।

कं.सं.

नामित अधिकारी का नाम

पदनाम

कार्यालय पता

दूरभाष

अधिकारी

1.

श्री धीरेन्द्र प्रताप सिंह

अनु सचिव, उ०प्र० शासन, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्‍ट्रानिक

 चतुर्थ तल, लाल बहादुर शास्त्री भवन, (एनेक्सी)  लखनऊ, उ०प्र०-226001

2239353, 3777

राज्य

स्तरीय
सूचना

अधिकारी

15. सूचना प्रौद्योगिकी विभाग मुख्यतः प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने हेतु प्रक्रिया निर्धारित आदि का कार्य करता है तथा किसी प्रकार का राजस्व आदि जनरेट नहीं करता है। भारत सरकार की योजना नेशनल ई-गर्वनेन्स प्लान का क्रियान्वयन प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से ही किया जा रहा है।

३. सचिवालय राज्य सरकार का शीर्षथ्य  कार्यालय है। कार्य की सुविधा के लिए इसे कई विभागों में विभाजित किया गया है। अनुभाग इस संगठन की मूल इकाई है।

अनुभाग में प्राप्त कोई प्रस्ताव/आवेदन इलेक्‍ट्रानिक/सन्दर्भ को सर्व प्रथम अनुभाग अधिकारी द्वारा उस विषय से सम्बन्धित समीक्षाधिकारी को मार्क किया जाता है। सन्दर्भ सम्बन्धित सभी अधिकारी के पास भेजे जाने से पूर्व सहायक समीक्षाधिकारी द्वारा सचिवालय नियम संग्रह में दिये गये निर्देशानुसार सम्बन्धित रजिस्टर में सन्दर्भ को इन्द्राज किया जाता है तदुपरान्त सम्बन्धित समीक्षाधिकारी प्रकरण से सम्बन्धित नियम/विनियमों/शासनादेशों के आलोक में प्रस्ताव का परीक्षण करके निर्णय हेतु पत्रावली अनुभाग अधिकारी के माध्यम से अपने प्रभारी अधिकारी यथा अनुसचिव/उपसचिव/संयुक्त सचिव/विशेष सचिव को प्रस्तुत करते है। सम्बनिधत प्रभारी अधिकारी द्वारा सामान्य प्रकृति के प्रकरणों का निस्तारण अपने स्तर से करते हैं परन्तु नीति विषयक एवं महत्वपूर्ण प्रकरणों यथा विधायी प्रकरण/वित्तीय मामलें/न्यायालयों से सम्बनिधत आदेशों आदि के मामले। विधान मण्डल दल की विभिन्न समितियों सम्बन्धित प्रकरणों पर यथा आवाश्यकतानुसार सचिव/प्रमुख सचिव को प्रस्तुत किया जाता है। सचिव/प्रमुख सचिव को प्रस्तुत किया जाता है। सचिव/प्रमुख सचिव द्वारा महत्वपूर्ण प्रकरणों में पत्रावली पर विभागीय मा. मंत्री जी/मा. मुख्यमंत्री जी का अनुमोदन प्राप्त किया जाता है। सक्षम स्तर पर अनुमोदन के उपरान्त अनुभाग से शासनादेश/निर्देश अधिसूचना आदि जैसी की स्थिति हो निर्गत किया जाता है। नीति विषयक मामलों में प्रमुख सचिव द्वारा औद्योगिक विकासायुक्‍त का अनुमोदन भी प्राप्त किया जाता है।

४. सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्‍ट्रानिक विभाग प्रमुख सचिव/सचिव के प्राशासकीय नियन्त्रण में कार्य करता है। विशेष सचिव/उनु सचिव द्वारा उनके आदेशों/निर्देशों का समय से अनुपालन एवं सम्बन्धित अनुभागों का पर्वेक्षणीय दायित्वों का निवर्हन किया जाता है। सचिवालय नियम संग्रह सेक्रेट रिपेट मैनुवल के अध्याय १३ में अनुभाग अधिकारी समीक्षाधिकारी/सहायक समीक्षाधिकारी तथा अनुसेवक के कार्यों के निस्तारण हेतु मानक/कर्तव्य निर्धारित किये गये है जो निम्नवत हैः-

अनुभाग अधिकारी

अनुभाग अधिकारी का कर्तव्य निम्नलिखित कार्यों को सुनिश्चित करना हैः-
 

  1. अनुभाग को आबंटित समस्त कार्य सम्यक और नियमित रूप से किया जाये।

  2. मामले उच्च अधिकारियों को ठीक समय पर प्रस्तुत किये जायें।

  3. अधीनस्थ कर्मचारि-वर्ग से पूरा काम लिया जाय।

  4. अनुभाग को स्वच्छ और सुव्यवस्थित रखा जाय।

  5. अनुभाग का नैतिक कार्य जैस अभिलेखन, निदरन आलेख्यों की स्वच्छ् प्रतियां बनाना, अभिलेख कक्ष में पत्रावलियों का प्रेषण, आदि कार्य को नियमित रूप से किया जाये तथा कार्र्य बकाया न पड़ा रहे।

  6. कर्मचारि-वर्ग का प्रत्येक सदस्य अपने आबंटित कार्य को संतोष प्रद रूप से कर रहा है अथवा नहीं तथा यह भी देख कि अनुभाग में कोई कार्य बकाया अवशेष में न रहे।

  7. आय-व्ययक प्रस्ताव, इत्यादि वित्त विभाग को आय-व्ययक नियम संग्रह में निर्धारित समय के अनुसार भेजे जायें तथा विनियोग विधेयक के पारित हो जाने के उपरान्त सभी स्वीकृतियां बिना किसी विलम्ब के जारी की जाये।

  8. अनुभाग के कर्मचारी कार्यालय ठीक समय पर आये और कार्यालय को सरकारी प्रयोजन तथा भोजन के समय के अलावा न छेड़े।

  9. पत्रावलियों में क्रम-संख्या उचित रूप से डली जाय तथा जिन मामलों में आगामी कार्यवाही आवाश्यक हो या की जानी हो अथवा इलेक्‍ट्रानिक-व्यवहार की आगे प्रतीक्षा की जा रही हो तो उनमें प्रतीक्षा अंकित किया जाय तथा उन्हें नियत समय पर प्रस्तुत करने के लिए एक निश्चित तिथि निर्धारित की जाये, तथा

  10. फटे हुए फाइल बोर्ड तथा कैड्कों को बदल दिया जाय तथा यदि पत्रावली कहीं से भी अव्यवस्थित हो तो उसके ठीक कर दिया जाये और उसमें से अनावश्यक पर्चियों तथा टिप्पणियों को हटा दिया जाय।

  11. विधान सभा/विधान परिषद से  प्राप्त  प्रश्नों का रजिस्टर रखना तथा समय से उत्तर भेजना सुनिश्चित करना।

  12. चरित्र पंजिकाओं का समुचित रखरखाव तथा प्रतिकूल प्रविष्टयों के विरूदॄ प्राप्त प्रत्यावेदनों को शासन द्वारा निर्धारित समय सारणी के अनुसार तत्परता से पत्रावलियों में प्रस्तुत किया जाना।

  13. समस्त न्यायिक याचिकाओं, वादों, विशेषकर अवमानाना वादों की पृथक पंजिका रखना तथा समय पर उसकी पैरवी एवं समय पर शासन की ओर से शपथ इलेक्‍ट्रानिक/प्रतिशपथ-इलेक्‍ट्रानिक एवं रिज्वाइन्ड्र दाखिल कराया जनाना सुनिश्चित करना।

  14. अनुभाग में धूम्रपान,पान एवं पान मसाला का प्रयोन न किया जाना सुनिश्चित कराना।
    अनुभाग अधिकारी का यह दायित्व होगा कि वह अपने अधीनस्थ कर्मियों को कार्मिक विभाग के निर्देशों के अनुसार वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां समय से ही दें। इनका यह भी दायित्व होगा कि वह अपने अनुभाग के कर्मियों को समय-समय पर नामित प्रशिक्षण हेतु अवमुक्‍त करें। यदि उनके अधीन तैनात किसी कर्मी को पांच वर्ष के अन्दर प्रशिक्षण न दिया गया हो तो यह तथ्य अपनी विभागीय प्रमुख सचिव/सचिव तथा निदेशक सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबन्ध संस्थान के संझन में लायें, इसके अतिरिक्त कोई अन्य कार्य विभागीय प्रमुख सचिव/सचिव द्वारा दिया जाये।

अनुभाग अधिकारी के नीचे दिये गये कर्तव्य भी हैः-

  1. अनुभाग के सभी सहायकों के कार्य का पर्यवेक्षण करना।

  2. महत्वपूर्ण मामलों में टिप्पणी तथा आलेख्य लिखना।

  3. निस्तारित किये गये मामलों को अंकित करना।

  4. प्रत्येक सहायक की डयरी की पक्ष में एक बार जांच करना।

  5. प्रत्येक सहायक के कार्य का आवधिक निरीक्षण करना तथा वरिष्ठ अधिकारी को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करना।

  6. आवधिक विवरण-पत्रों को तैयार करने तथा ठीक समय से प्रस्तुत करने की व्यवस्था करना।

  7. निक्षेप किये गये मामलों की जांच करना तथा यह देखा कि पत्रावली में निस्तारित विषय का सार बुद्धिमत्तापूर्वक तथा सही ढंग से तैयार किया जाये और उसके नाष्ट करने की तिथि आदि सही लिखा जाये तथा

  8. आवश्यक मामलों में किये गये विलम्ब की जानकारी सम्बन्धित अधिकारी को तथा यदि आवाश्यक हो तो सचिव को भी देना।

  9. अनुभाग अधिकारी यह  सुनिश्चित करेंगें कि अनुभाग में प्राप्त सभी सन्दर्भ उच्चाधिकारियों को समय से प्रस्तुत हों और समीक्षा अधिकारी स्तर पर लम्बित न रहने पाये।

  10. अनुभाग अधिकारी अनुभाग की सामान्य कार्यदक्षता तथा कार्य-सम्पादन के लिए उत्तरदायी है। अनुभाग के भीतर कार्य के वितरण से सम्बन्धित कार्य अनुभाग अधिकारी के विवेक पर छेड़ा गया है। ऐसे सभी मामलों का जिनमें किसी विशिष्ठ कार्य को पूरा करने के लिये अतिरिक्त या अस्थायी कर्मचारीवर्ग लगाया है एक रजिस्टर रखा जाये जिसमें किये गये कार्य का उल्लेख किया गया हो ओर अनुभाग अधिकारी द्वारा उसकी संवीक्षा करके उस पर हस्ताक्षर किये जायें।

  11. गोपनीय कागज-पत्रों को एक आलमारी में ताले ओर कुंजी में रखा जायेगा और अनुभाग अधिकारी उनकी सुरक्षा के लिये उत्तरदायी होगा उक्त आलमारी के अन्दर ऐसे सभी कागज-पत्रों की एक सूची पृथक से रखी जाय तथा उनकी एक सूची अनुभाग अधिकारी द्वारा अपने पास रखी जाय।

समीक्षाधिकारी के कर्तव्यः

समीक्षाधिकारी के निम्नलिखित कर्तव्य हैं :-

  1. उसको अंकित किये जाने वाले सभी पत्रों को प्राप्त करना तथा उन्हें डायरी में लिखना।

  2. उसको अंकित किये गये मामले में टिप्पणियां लिखना तथा आलेख्य प्रस्तुत करना।

  3. विवरण पत्रों, आख्याओं, सूचियों, नामावलियों, योजनाओं, आय-व्ययक प्रस्ताओं, नई मांगों की अनुसूची, सारांश, संक्षिप्त या विस्तृत टिप्पणियों मंत्री-परिषद के लिए टिप्पणी, इत्यादि आवाश्यकतानुसार तैयार करना।

  4. अभिलेख-कक्ष को प्रेषित पत्रावलियों के अभिलेखन, निदरन तथा प्रेषण की पर्चियां तैयार करना।

  5. आलेख्यों इत्यादि की स्वच्छ् प्रतियों की जांच करना।

  6. मुद्रण हेतु प्रेस को भेजे गये मामलों के प्रूफ का परीक्षण करना।

  7. किसी महत्वपूर्ण मामले या उसको आवंटित किये गये किसी कार्य में विलम्ब हो तो उसे अनुभाग अधिकारी की जानकारी में लाना।

  8. प्रतीक्षा में रखे गये मामलों में अनुस्मारक प्रस्तुत करना।

  9. यदि कार्यालय की टिप्पणियों के लिए आवाश्यकता पड़े तो सम्बंध अधिनियमो, नियमावलियों विनियमों, आदेाशों, आधर-सामग्री, पूर्व उदाहरणों, इत्यादि का अध्ययन करना।

  10. अपने दैनिक कार्य की एक डयरी रखना तथा उसे पक्ष में एक बार अनुभाग अधिकारी को प्रस्तुत करना।

  11. उसे सौंपी गयी पत्रावलियों की गोपनीयता बनाये रखना।

  12. अनुभाग अधिकारी या उन्य सम्बदॄ अधिकारी द्वारा सांैपे गये किसी अन्य कार्य को सम्पादित करना।

  13. अपने कर्तव्यों का निवरहन करने में अनुभाग में अपने सहकर्मियों की सहायता करना तथा उनसे सहयोग करना तथा

  14. अनुशासन का पालन करना तथा अनुभाग अधिकारी की अनुपस्थिति में महत्वपूर्ण कार्य का निस्तारण करना।

  15. आवंटित किये गये विषयों से सम्बन्धित पत्रावलियों/अभिलेखों का रख-रखाव तथा आवश्यकतानुसार नई पत्रावलियां खोलना।

  16. कम्प्यूटर पर अपना कार्य स्वयं करना।

सहायक समीक्षाधिकारी के कर्तव्यः

सहायक समीक्षाधिकारी के निम्नलिखित कर्तव्य हैः-

  1. अनुभाग में  प्राप्त होने वाले पत्रों को दैनिकी में दर्ज करना, तथा अनुभाग के लिए निर्धारित पंजियों का रख-रखाव करना और कागज पत्रों, पत्रावलियों इत्यादि के संचालन को ठीक-ठीक अंकित करना।

  2. निर्गमन के लिए अंकित पत्रों को तत्परता से निर्गत करना।

  3. स्वच्छ प्रतियां तथा विवरण इलेक्‍ट्रानिक तैयार करना तथा आवश्यकता पड़ने पर उदध्रण लेना।

  4. स्वच्छ प्रतियों इत्यादि का मिलान करने में अन्य सहायकों की सहायता करना।

  5. निर्गत की जाने वाली समस्त डक को पहले पत्रवाहक - पुस्तिका  में दर्ज करना तथा पत्रों को वितरित हो जाने के उपरान्त पत्रवाहक पुस्तिका की जांच करना।

  6. निर्गमन से पूर्व पत्रों के सभी संलग्नकों की जांच करना।

  7. अनुभाग को  अंकित डक, पत्रावलियों, इत्यादि को प्राप्त करना तथा  उन्हें तुरन्त अनुभाग अधिकारी के सम्मुख प्रस्तुत करना।

  8. अपने माध्यम से गुजरने वाली पत्रावलियों तथा अन्य कागज-पत्रों की गोपनीयता बनाए रखना।

  9. आवश्यकता पड़ने पर समीक्षा अधिकारियों को पत्रावलियों के रख-रखाव के सम्बंध में उसके कार्य में सहायता करना।

  10. प्रतीक्षा पंजियों का रख-रखाव करना, सम्बन्धित सहायकों को प्रतीक्षा में रखी गई पत्रावलियों को नियत दिनांक को प्रस्तुत करना।

  11. निक्षेप की गई  पत्रावलियों को छंटना तथा अभिलेख पर्चियों को तैयार करने के लिए उन्हें सम्बन्धित सहायक को प्रस्तुत करना।

  12. अन्य विभागों में लम्बित पत्रावलियों के लिए मांग-पत्र तैयार करना।

  13. ऐसा अन्य समस्त कार्य करना जो, अनुभाग अधिकारी अथवा समीक्षा अधिकारी जिनके साथ वह समंध हो, द्वारा सौंपा जाये।

  14. जिन अनुभागों में टंकक तैनात न हो, वहां सहायक समीक्षा अधिकारी द्वारा अनुभाग के टंकण का समस्त कार्य भी किया जायेगा।

अनुसेवक के कर्तव्यः

अनुसेवक के कर्तव्य अनेक हैं और उनकी व्योरेवार गणना नहीं की जा सकती है। किन्तु उनके कुछ मूल कर्तव्यों का उल्लेख नीचे किया जा रहा हैः-

  1. आवश्यकतानुसार स्थानों से डक, कागज पत्रों, पत्रावलियों, अभिलेखों, इत्यादि को लाना तथा ले जाना।

  2. अपने  द्वारा ले जाये जाने वाले सरकारी अभिलेखों के प्रति सतर्क रहना तथा जब तक वे अभिलेख व पत्रावलियां उसकी अभिरक्षा में रहें उन्हें किसी भी सरकारी अथवा गैर सरकारी व्यक्ति को न दिखाने के लिये दृढ रहना।

  3. निम्नलिखित को सुनिश्चित करनाः-
     

    • कार्यालय कक्ष में फर्नीचर, इत्यादि सुव्यवस्थित रखना।

    • मेजे, कुर्सियां, खिड़कियां, दरवाजे, रैकें, रददी की टोकरियां, फाश्र इत्यादि नियमित रूप से तथा भली-भूति साफ किये जायं तथा उन पर धुल न रहे।

    • सुराहियां इत्यादि प्रति दिन धोयी जायं तथा वे ताजे पेय जल से भरी जायं।

    • अधिकारी व कर्मचारी वर्ग की अनुपस्थिति में कोई भी अनधिकृत व्यक्ति कार्यालय कक्ष में प्रवेश न करें तथा सरकारी अभिलेखों, इत्यादि को अन्य इलेक्‍ट्रानिक न ले जाय।

    • आगुन्तक व्यक्तियों को उचित स्थान पर बैठाना तथा उनको अधिकारी की सुविधानुसार उनसे मिलाने की व्यवस्था करना।

       

  4. उसे चाहिए किः-
     

    • यदि उसे उपलब्ध कराई गयी हो तो वह उचित वर्दी पहले तथा वह उसे साफ सुथरी रखे।

    • सम्बन्धित अधिकारी की अनुमति के बिना कार्यालय न छेड़े।

    • यदि उसे अधिकारी के साथ दौरे पर जाने का आदेश मिला हो तो दौरे पर अधिकारी की सहायता करें।

    • किसी ऐसे अन्य कार्य को करना जो उसे उस अधिकारी द्वारा सौंपा जाय जिससे कि वह सम्बदॄ किया गया हो।

५. सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा निम्नलिखित अधिनियमों/नियमावलियों आदि का कार्य विस्तारण में उपयोग किया जाता है।
१.  उत्तर प्रदेश सार्वजनिक भूमि आप्टिकल फाइबर केबिल बिछने और उसका अनुरक्षण करने के लिए अनुमति अधिनियम, २००१

सूचना प्रौद्योगिकी के विकास में निजी क्षेत्र के सहयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ऐसी संस्थाओं को, जो राज्य में आप्टिकल फाइवर केबिल बिछना चाहती हों, आधुनिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ऐसी भूमि, सड़क, गली, खन्ड़जा या अन्य स्थावर सम्पत्ति के, जो स्थानीय प्राधिकारी की हों या उसमें निहित हो या जिसका नियन्ञण या प्रबन्धन उनके द्वारा किया जाता हो, पर आप्टिकल फाइवर केबिल बिछने तथा उसका अनुरक्षण करने की अनुमति प्रदान करने हेतु राज्य सरकार द्वारा यह अधिनियम प्राख्यापित किया गया तथा इस अधिनियम के क्रियान्वयन हेतु उत्तर प्रदेश सार्वजनिक भूमि आप्टिकल फाइबर केबिल बिछने और उसका अनुरक्षण करने के लिए अनुमति नियमावली, २००१ भी बनाई गयी है। यह सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की वेबसाइट  पर उपलब्ध है।

२.   उत्तर प्रदेश जगदगुरू रामभद्राचार्य विकालांग विश्वविद्यालय, अधिनियम, २००१

निजी क्षेत्र में जनपद चित्रकूट में एक विश्वविद्यालय स्थापित करने के उद्देश्य से यह, अधिनियम प्रख्यापित किया गया। इस अधिनियम में यह प्राविधानित है कि श्री जगदगुरू राम भद्राचार्य संस्थान इस अधिनियम के प्राविधानों के अन्तर्गत यह विश्वविद्यालय स्थापित कर सकता है। यह विश्वविद्यालय जनपद चित्रकूट में स्थापित है। यह सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की वेबसाइट  पर उपलब्ध है।

३.   उत्तर प्रदेश महार्षि सूचना प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अधिनियम, २००१

निजी क्षेत्र में जनपद लखनऊ में एक विश्वविद्यालय स्थापित करने के उद्देश्य से यह अधिनियम प्रख्यापित किया गया। इस अधिनियम में यह प्राविधानित है कि महार्षि संस्थान इस अधिनियम के प्राविधानों के अन्तर्गत यह विश्वविद्यालय स्थापित कर सकता है। यह विश्वविद्यालय अभी पूर्ण रूप से अस्तित्व में नहीं आया है। यह सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की वेबसाइट  पर उपलब्ध है।

४.   उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी नीति २००४

प्रदेश के आर्थिक विकास एवं प्रदेश में उच्च तकनीकी समाज के सृजन हेतु जिससे प्रदेश जनसामान्य को उच्च गुणवत्ता का रहन सहन प्राप्त हो सके, के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी नीति २००४ से घोषित की गई है। इस नीति सूचना प्रौद्योगिक सम्बन्धित उद्योगों को छूट एवं कई अन्य प्रकार के प्रोत्साहन भी दिये गये हैं। यह सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की वेबसाइट  पर उपलब्ध है।

६.
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग किसी प्रकार का राजस्व प्राप्ति से सम्बन्धित कार्य नहीं करता है अपितु इसका उद्देश्य प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्‍ट्रानिक क्षेत्र की गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।

७.
उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी नीति २००४ के प्रस्तर १२.२ के अन्तर्गत उद्योग संगठनों के प्रतिष्ढत प्रतिनिधियों, सूचना प्रौद्योगिकी में कार्यरत व्यक्तियों एवं एकड्मियों को सम्मिलित करते हुए औद्योगिक विकास आयुक्त, उ०प्र० शासन की अध्यक्षता में एक विजन ग्रुप का गठन किया गया है जो कि सूचना प्रौद्योगिकी नीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अपने सुझाव राज्य स्तरी संचालन समिति स्टेयरिंग कमेटी को प्रस्तुत करते है। इस हेतु कार्यालय ज्ञाप संख्या- १०६१/७८-२-/२००५ दिनांक १९ जुलाई, २००५ निर्गत किया गया है जो कि सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

८.
प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी हेतु सर्वोच्च स्तर पर निर्णय लेने एवं दिशा निर्देश हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता एक सलाहकार समिति कार्यालय ज्ञाप संख्या-१०४०/७८-आई०टी०-२००१ दिनांक २३ जुलाई, २००१ गठित की गई है जो निम्नवत हैः-
 

  1. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मा. मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में आई०टी० एड्वाइजरी ग्रुप का गठन निम्नवत किया जाता हैः-
     

    1. मा. मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार अध्यक्ष

    2. मा. मंत्री, आई०टी० एवं इलेक्‍ट्रानिक सदस्य

    3. मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन सदस्य

    4. अपर मुख्य सचिव एवं क़षि उत्पादन आयुक्त सदस्य

    5. औद्योगिक विकास आयुक्त, उ०प्र० शासन सदस्य

    6. प्रमुख सचिव, आई०टी० एवं इलेक्‍ट्रानिक विभाग सदस्य

    7. अध्यक्ष, नेसकाम, नई दिल्ली सदस्य

    8. श्री सौरभ श्रीवास्तव, प्रबन्ध निदेशक,आईआईएस़इन्फोटेक, नोयड सदस्य

    9. श्री राजीव नायर, माइक्रोसाट इण्डिया प्रा.लि. दिल्ली। सदस्य

    10. श्री नरेाश चन्द्र, प्रबन्ध निदेशक, एडेबे सिस्टम्स इण्डियाप्रा.लि. नोयड सदस्य

    11. निदेशक, आईआईएम़, लखनऊ सदस्य

    12. निदेशक, आईआई०टी० कानपुर सदस्य

    13. विभागाध्यक्ष, कम्प्यूटर साइंस, आईआई०टी० कानपुर सदस्य

    14. विभागाध्यक्ष, कम्प्यूटर साइंस, आईआईएम़, लखनऊ सदस्य

    15. ड० एऩ विजय आदित्य, महानिदेशक,एऩआईसी.,नई दिल्ली सदस्य

    16. राज्य सूचना प्रौद्योगिकी अधिकारी,एऩआईसी.,लखनऊ सदस्य

    17. प्रमुख सचिव, वित्त विभाग, उ०प्र० शासन सदस्य

    18. प्रमुख सचिव, नियोजन विभाग, उ०प्र० शासन सदस्य

    19. प्रमुख सचिव, मा. मुख्यमंत्री, उ०प्र० शासन सदस्य

    20. प्रमुख सचिव, कर एवं निम्बंधन विभाग, उ०प्र० शासन सदस्य

    21. सचिव, तकनीकी शिक्षा विभाग, उ०प्र० शासन सदस्य

    22. सचिव, मा० मुख्यमंत्री सदस्य

    23. निदेशक, आईआई०टी०, इलाहाबाद सदस्य

    24. सचिव, आई०टी० एवं इलेक्‍ट्रानिक विभाग, उ०प्र० शासन सदस्य सचिव

२. उक्त गठित आई०टी० एड्वाइजरी निम्नलिखित टर्म्स आफ रिफ्रेंस के अनुसार कार्य करेंगाः-
 

  1. उत्तर प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग कर जन साधारण के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार उच्च तकनीकी समाज का सृजन एवं आर्थिक विकास के लिए उपायों के विषय में संस्तुति करना।

  2. उ०प्र० उपलब्ध क्षमताओं का भरपूर उपयोग कर प्रदेश को उत्तरदायी एवं क्रियापरक तथा गतिशील सूचना प्रौद्योगिकी प्रदेश के रूप में विकसित करते हुए विश्व के मानचित्र पर उत्तर प्रदेश को भारत की नवीन सिलकान वैली के रूप में विकसित करने हेतु उपायों की संस्तुति करना।

  3. प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी के त्वरित विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी से सम्बन्धित हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में घरेलू उपयोग एवं नियरत से आय में वृद्धि हेतु उपायों की संस्तुति करना।

  4. स्मार्ट सरकार को सृजित करने की दिशा में यथा शासकीय प्रणाली एवं सरकारी सेवाओं के त्वरित, पारदर्शी, उत्तरदायी एवं कुशल संचालन हेतु सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग के उपायों की संस्तुति करना।

  5. प्रदेश के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं प्रशिक्षण संस्थाओं में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग को प्रोत्साहित एवं गति प्रदान करने हेतु कार्य योजना बनाना, ताकि प्रदेश के युवक सूचना प्रौद्योगिकी का कौशल एवं झन प्राप्त कर सकें।

  6. शहरी एवं ग्रामीण  क्षेत्रों में जन-सामान्य की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु सूचना प्रौद्योगिकी को सुलभ बनाये जाने की दिशा में गतिशील स्टेट इन्फार्मेटिक्स बैकबोन विकसित किये जाने हेतु उपायों के सम्बंध में संस्तुति प्रदान करना।

संख्या-१०४०१/७८-आई०टी०-२००१-तद् दिनांक
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवाश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
 

  1. उपरोक्‍त गठित आई०टी० एड्वाइजरी ग्रुप के समस्त सम्बन्धित सदस्य।

  2. समस्त प्रमुख सचिव/सचिव, उ०प्र० शासन।

  3. निजी सचिव, मा. मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश ।

  4. निजी सचिव, मा. मंत्री जी, आई०टी० एवं इलेक्‍ट्रानिक विभाग।

  5. स्टाफ आफिसर, मुख्य सचिव।

  6. स्टाफ आफिसर, अपर मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त।

  7. निजी सचिव, औद्योगिक विकास आयुक्त।

  8. निजी सचिव, प्रमुख सचिव, मा. मुख्यमंत्री।

  9. निजी सचिव, प्रमुख सचिव, आई०टी० एवं इलेक्‍ट्रानिक विभाग।

  10. निदेशक, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग।

  11. गार्ड फाइल।

२.  प्रदेश में सूचना  प्रौद्योगिकी उद्योगों के विकास एवं गति प्रदान करने के उद्देश्य से तथा सूचना प्रौद्योगिकी नीतियों के निर्धारण हेतु मुख्य सचिव उ०प्र० शासन की अध्यक्षता में कार्यालय ज्ञाप संख्या- १०६०/७८-२-/२००५ दिनांक १९ जुलाई, २००५ द्वारा एक राज्य स्तरी संचालन समिति स्टेयरिंग कमेटी गठित की गई है जो निम्नवत हैः-

उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी नीति-२००४ के प्रस्तर-१२.२ के अन्तर्गत राज्य सूचना प्रौद्योगिकी उद्योगों को विकास एवं गति प्रदान करने तथा नीतियों के निधररण हेतु एतदद्वारा एक राज्य स्तरीय संचालन समिति स्टेयरिंग कमेटी का निम्नवत गठन किया जाता हैं जो राज्य में सूचना प्रौद्यागिकी उद्योगों के विकास की देख-रेख करेगी।

  1. मुख्य सचिव, उ०प्र० शासन अध्यक्ष

  2. प्रमुख सचिव, औद्योगिक विकास विभाग उपाध्यक्ष

  3. प्रमुख सचिव, वित्त विभाग सदस्य

  4. प्रमुख सचिव/सचिव, नियोजन विभाग सदस्य

  5. प्रमुख सचिव, कर एवं निबन्धन विभाग सदस्य

  6. प्रमुख सचिव, श्रम विभाग सदस्य

  7. प्रमुख सचिव, आवास विभाग सदस्य

  8. प्रमुख सचिव, जर विभाग सदस्य

  9. प्रमुख सचिव, पर्यावरण विभाग सदस्य

  10. निदेशक, आईआईटी. कानपुर, उत्तर प्रदेश सदस्य

  11. अधिशासी निदेशक, उद्योग बन्धु, लखनऊ सदस्य

  12. प्रमुख सचिव/आई०टी० एवं इले० विभाग सदस्य संयोजक

     

३. उक्‍त समिति के उद्देश्य निम्नवत होंगें-

  1. प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के विकास हेतु प्रोत्साहन पर विचार एवं कठिनाइयों का निवारण।

  2. सूचना प्रौद्योगिकी उद्योगों के लिए अवस्थापना सुविधाओं का विकास।

  3. रू० २५० करोड़ से अधिक के निवेश से स्थापित की जाने वाली आई०टी० इकाइयों के लिए विशिष्ट पैकेज की संस्तुति।

  4. आई०टी० नीति के प्रस्तर-१०.६ के अन्तर्गत स्थापित मेगा यूनिट को स्वीकृतियों हेतु एकल खिड़की प्रदान करना।

  5. सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से रोजगार सृजन।

  6. आई०टी० क्षेत्र में विकास शील प्रदेश के रूप में प्रदेश की छवि बनाने हेतु विभिन्न आयोजनों आदि का अनुमोदन।

    यह समिति, उ०प्र० सूचना प्रौद्योगकी नीति-१९९९ के अन्तर्गत गठित स्टेयरिंग कमेटी की प्रति स्थानीय होगी। अतः कार्यालय-ज्ञाप संख्या-७२४/७८इले०-९९, दिनांक १० मई,१९९९ द्वारा गठित समिति समाप्त समझी जाय।

संख्या- १०६०१/७८-२-२००५तददिनांकः

प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवयक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
१.  निजी सचिव, मा० राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्‍ट्रानिक्‍स एवं सार्वजनिक उद्यम विभाग।
२. निजी सचिव, मुख्य सचिव, उ०प्र० शासन।
३. उपरोक्त समस्त प्रमुख सचिव/सचिव।
४. उपरोक्त गठित स्टेयरिंग कमेटी के समस्त सदस्यगण।
५. प्रबन्ध निदेशक, यूपीडेस्को/यू.पी.एल़सी., लखनऊ।

 ३.
 उद्योग संगढनों के प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों, सूचना प्रौद्योगिकी में कार्यरत व्यक्तियों एवं एकड्मियों को सम्मिलित करते हुए औद्योगिक विकास आयुक्त, उ०प्र० शासन की अध्यक्षता में एक विजन ग्रुप का गठन किया गया है जो कि सूचना प्रौद्योगिकी नीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अपने सुझाव राज्य स्तरी संचालन समिति स्टेयरिंग कमेटी को प्रस्तुत करते है। इस हेतु कार्यालय ज्ञाप संख्या- १०६१/७८-२-/२००५ दिनांक १९ जुलाई, २००५ निर्गत किया गया है जो निम्नवत हैः-
उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी नीति-२००४ के प्रस्तर-१२.२ के अन्तर्गत उद्योग संगढनों के प्रतिनिधि, सूचना प्रौद्योगिकी में कार्यरत व्यढितों एवं एकेड्मियों को मिलाकर एक विजन ग्रुप राज्य स्तरीय संचालन समिति स्टेयरिंग कमेटी की सहायताथ्र गठित की जाती हैः-

  1. औद्योगिक विकास आयुक्त एवं मुख्य सचिव अध्यक्ष

  2. प्रमुख सचिव/सचिव सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग उपाध्यक्ष

  3. वित्त आयुक्त एवं प्रमुख सचिव/सचिव सदस्य

  4. प्रमुख सचिव/सचिव, श्रम विभाग सदस्य

  5. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा,गौतमबुदॄ नगर सदस्य

  6. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, ग्रेटर नोएडा, गौतमबुदॄ नगर सदस्य

  7. आयुक्त ग्राम्य विकास, उत्तर प्रदेश सदस्य

  8. अधिशाषी निदेशक, उद्योग बन्धु, लखनऊ सदस्य

  9. प्रबन्ध निदेशक, यू.पी.एस़आई.सी., कानपुर सदस्य

  10. प्रबन्ध निदेशक, पिकप, लखनऊ सदस्य

  11. निदेशक, उद्योग, कानपुर सदस्य

  12. निदेशक, सॉफ्टवेयर टेक्नालॉजी पार्कस आफ इण्डिया सदस्य

  13. निदेशक, आईआई०टी० कानपुर सदस्य

  14. निदेशक, आईआईएम़ लखनऊ सदस्य

  15. कुलपति, उ०प्र० प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ सदस्

  16. वरिष्ठ तकनीकी निदेशक, एऩआईसी. लखनऊ सदस्य

  17. अध्यक्ष, कान्फेड्रेशन आफ इण्डियन इण्ड्स्ट्रीसी.आईआई सदस्य नई दिल्ली के प्रतिनिधि।

  18. अध्यक्ष, नासकाम, नई दिल्ली के प्रतिनिधि। सदस्य

  19. अध्यक्ष इलेक्ट्रानिक्स एण्ड् कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट प्रमोशन सदस्य काउन्सिल ईएस़सी. के प्रतिनिधि।

  20. अधिशाषी निदेशक, इण्डियन इण्ड्स्ट्रीज एसोसियेशन लखनऊ सदस्य

  21. अध्यक्ष, मेन्युफेढचर्स एसोसियेशन फॉर इन्फार्मेशन टेक्नालॉजी मैट सदस्य नई दिल्ली के प्रतिनिधि।

  22. यूपीटेक के प्रतिनिधि। सदस्य

  23. आईआई०टी० कानपुर के प्रतिनिधि। सदस्य

  24. आईआईटी एलुमनी एसोसियेाशन के सदस्य जो अप्रवासी भारतीय सदस्य एलुमनी का प्रतिनिधित्व कर सके।

  25. शासन द्वारा नामित दो आई०टी० उद्यमी सदस्य

  26. प्रबन्ध निदेशक, यू.पी. इलेक्ट्रानिक्स कारपोरेाशन लि०, लखनऊ सदस्य

  27. प्रबन्ध निदेशक, यूपीडेस्को, लखनऊ। सदस्य संयोजक

     


२. उपरोक्त गठित विजन ग्रुप उत्तर प्रदेश की सूचना प्रौद्योगिकी नीति-२००४ के प्रभावी क्रियान्वयन हेत अपने सुझाव राज्य स्तरीय समिति स्टेयरिंग कमेटी को प्रस्तुत करेगी। तथा प्रगति समीक्षा करेंगी।
३. विजन ग्रुप की बैठक आवाश्यकतानुसार बुलाई जायेगी। जिसमें अन्य विभागों के अधिकारियों को भी किया जायेगा। गैर सरकारी सदस्यों को विजन ग्रुप की बैठक में भाग लेने के लिए कोई यात्रा एवं अन्य भत्ते आदि अनुमन्य नहीं होगा।

संख्या- १०६११/७८-२-२००५तद् दिनांकः
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवयक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-

  1. उपरोक्त गठित ाष्विजन ग्रुप के समस्त सम्बन्धित सदस्य।

  2. समस्त प्रमुख सचिव/सचिव, उ०प्र० शासन।

  3. निजी सचिव, मा० मुख्य मंत्री, उ०प्र० शासन।

  4. निजी सचिव, मा० राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स एवं सार्वजनिक उद्यम विभाग।

  5. स्टाफ आफिसर, मुख्य सचिव, उ०प्र० शासन।

  6. स्टाफ आफिसर, कृषि उत्पादन आयुक्त ।

  7. निजी सचिव, औद्योगिक विकास आयुक्त एवं प्रमुख सचिव।

  8. निजी सचिव, प्रमुख सचिव, मा० मुख्य मंत्री, उ०प्र० शासन।

  9. निदेशक, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उ०प्र०।

  10. गार्ड फाइल।

४.  राज्य स्तरी संचालन समिति स्टेयरिंग कमेटी समिति की सहायता तथा  प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों के मानकीकरण हेतु प्रमुख सचिव सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्‍ट्रानिक की अध्यक्षता में एक तकनीकी समिति कार्यालय ज्ञाप संख्या- १०६२/७८-२-/२००५ दिनांक १९जुलाई,२००५ द्वारा गठित की गई है जो निम्नवत हैः-

उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी नीति-२००४ के प्रस्तर-१२२ के अन्तर्गत गठित स्टेयरिंग कमेटी की सहायता के लिए एक तकनीकी समिति का निम्नवत गठन किया जाता हैः-

  1. प्रमुख सचिव/आई०टी० एवं इले० विभाग, उ०प्र० शासन अध्यक्ष

  2. निदेशक, आईआईटी. कानपुर, उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष

  3. निदेशक, सॉफ्टवेयर टेक्नालॉजी पार्कस आफ इण्डिया सदस्य

  4. प्रबन्ध निदेशक, यू.पी.डेस्को, लखनऊ सदस्य संयोजक

  5. प्रबन्ध निदेशक, यू.पी.एल़सी., लखनऊ सदस्

  6. वरिष्ठ तकनीकी निदेशक, एऩआईसी., लखनऊ सदस्य
     

     

 

  1. उक्त तकनीकी  समिति द्वारा सूचना  प्रौद्योगिकी नीति-२००४ के प्रस्तर-६.१० के अनुसार सूचना प्रौद्योगिकी संसाधनों के मानकीकरण का कार्य भी करेंगी।

  2. यूपीडेस्को इस तकनीकी समिति के सचिवालय के रूप में कार्य करेगा।
     

संख्या-१०६२ १/७८-२-२००५तददिनांकः

प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवयक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-

  1. उपरोक्त गठित तकनीकी समिति के समस्त सम्बन्धित सदस्य।

  2. निजी सचिव, मा०  राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स एवं सार्वजनिक उद्यम विभाग।

  3. निजी सचिव, आई०टी० एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग, उ०प्र० शासन।

  4. गार्ड फाइल।

प्रदेश को जनपद तहसील तथा ब्लाक मुख्यालयों से नेटवर्क के माध्यम से जोड़ने हेतु संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सूचना प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा वित्त पोषित यूपी स्टेट वार्ड एरिया नेटवर्क की स्थापना की गई है। जिसके अनुश्रवण हेतु कार्यालय ज्ञाप संख्या- ७५३/७८-२-२००५-२१ आई०टी०२००४ दिनांक २५ मई,२००५ द्वारा का निम्नवत गठन किया गया हैः-

  1. औद्योगिक विकास आयुक्त एवं प्रमुख सचिव,उ०प्र०शासन अध्यक्ष

  2. प्रमुख सचिव/ सचिव,आई०टी० एवं इले० विभाग, उ०प्र०शासन सदस्य

  3. सचिव, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सूचना प्रौद्योगिकी सदस्य विभाग,भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा प्रतिनिधि

  4. वित्त आयुक्त एवं प्रमुख सचिव, वित्त विभाग, सदस्य उ०प्र०शासन द्वारा नामित प्रतिनिधि जो विशेष सचिव, के स्तर से निम्न के न हों

  5. आयुक्त, ग्राम्य विकास, उ०प्र० द्वारा नामित प्रतिनिधि जो सदस्य विशेष सचिव, के स्तर से निम्न के न हों

  6. सचिव, राजस्व परिषद, उ०प्र० लखनऊ सदस्य

  7. निदेशक, इन्स्टीटयूट आफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालॉजी लखनऊ वाहय सदस्य अथवा उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि

  8. प्रबन्ध निदेशक, यूपीएलसी, लखनऊ सदस्य

  9. सीनियर टेक्निकल डायरेक्टर, एनआईसी यूपीयूनिट लखनऊ सदस्य

  10. प्रबन्ध निदेशक, यूपीडेस्को, लखनऊ सदस्य सचिव

    उपर्युक्तानुसार गठित समिति के दिशा-निर्देशन में स्वान प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन सुनिचित किया जायेगा। समिति प्रत्येक माह में प्रोजेक्ट की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा करेगी।
     

संख्या- १/ ७८-२-२००५ तददिनांक
उपर्युक्त की प्रतिलिपि  में नामित समस्त अधिकारीगण को सूचनार्थ प्रेषित।

उत्तर प्रदेश विकास परिषद की बैठकों में लिए सुझाव के अनुरूप औद्योगिक विकास अनुभाग-६ के कार्यालय ज्ञाप संख्या- १२८/७७-६-०४, दिनांक ८ जनवरी,२००४ एवं तत्कालीन मुख्य सचिव के अर्द्ध शा. पञांक १६९/उ०प्र०वी.पा./२००४-०५ दिनांक १५ अप्रैल,२००४ द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी के विकास हेतु आई०टी० उप समिति निम्नवत गठित की गई है।
उत्तर प्रदेश शासन
औद्योगिक विकास अनुभाग-६
संख्या- १२८/७७-६-०४
लखनः दिनांकः ०८ जनवरी,२००४

सूचना प्रौद्योगिकी के विकास में आने वाली बाधाओं एवं उनके निराकरण हेतु सुझाव देने के लिए निम्नानुसार समिति का गठन किया जाता हैः-
 

  1. श्री नन्दन एम निलेकनी - अध्यक्ष

  2. औद्योगिक विकास आयुक्त उ०प्र० - सदस्य

  3. निदेशक, आई०आई०टी० कानपुर या उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि - सदस्य

  4. श्री सौरभ श्रीवास्तव - सदस्य

  5. श्री संजीव श्रेया, टाई, उ०प्र० - सदस्य

  6. सचिव/प्रमुख सचिव, - सदस्य सचिव
     

2.  उक्त समिति अपने सुझाव एक माह के अन्दर 'उत्तर प्रदेश विकास परिषद के समक्ष विचारार्थ व उसके माध्यम से राज्य सरकार को अन्तिम निर्णय हेतु शीघ्रातिशीघ्र प्रस्तुत करेगी।

उपरोक्त समितियों से सम्बन्धित कार्यालय ज्ञाप सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की वेबसाइट  पर उपलब्ध है।