कम्प्यूटर शिक्षा :-

सेन्टर फार एक्सीलेन्स (Centre of Excellence) :- उत्तर प्रदेश में विश्व स्तर की आई०टी० वं इलेक्ट्रानिक्स की निम्नलिखित शैक्षिक संस्थायें है।

  1. I.I.T. कानपुर विश्व एवं देश का अग्रणी संस्थान।

  2. I.I.M. लखनऊ - देश के सर्वोत्तम बिजनेस स्कूल में से एक।

  3. I.I.I.T. इलाहाबाद।

  4. B.H.U.I.T.

  5. 100+ इंजीनियरिंग कालेज जो I.T. शिक्षा प्रदान करते हैं।

  6. ई-गवर्नेन्स और लोक नीति का केन्द्र - लखनऊ (प्रस्तावित)।

  7. AMITY इनफार्मेशन टेक्नोलाँजी यूनिवर्सिटी, नोयडा/लखनऊ।

  8. जगतगुरू रामभद्राचार्य यूनिवर्सिटी, चित्रकूट।

इस समय उच्च शिक्षा (I.T.) में लगभग 30,000 विद्यार्थी एवं निम्न व मध्यम पाठ्यक्रम में लगभग 50,000  से 60,000 तक विधार्थी प्रतिवर्ष डिग्री आदि प्राप्त करते हैं।

अफशरशाही सुग्राहिता :-

अधिकारियों व कर्मचारियों को आई०टी० के प्रति व कम्प्यूटर शिक्षा के प्रति सुग्राही बनाना उत्तर प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य है। हमने पहले ही सभी स्तरों पर आई०टी० के प्रति शिक्षित, प्रशिक्षित करने के लिये योजनायें बना ली है और सभी कर्मचारियों को इसके प्रति शिक्षित, प्रशिक्षित किया जायेगा। इस प्रयास को सफल बनाने के लिये निजी क्षेत्र की सहभागिता भी ली जायेगी।

प्रदेश सरकार ने इस बात का अनुभव किया है कि आई०टी० के उपयोग को कर्मचारियों तक लगातार पहुँचाया जायेगा, इसके लिये उनको प्रशिक्षित भी किया जायेगा। जो लोग पहले से ही प्रशिक्षित है, उनके लिये अतिरिक्त रिफ्रेशसर कोर्स भी चलाये जायेंगे। प्रदेश के सभी विभागों के लिये एक विस्तृत सिस्टम अध्ययन की व्यवस्था की गयी है। सरकारी कर्मचारियों की I.T. कुशलता को अपग्रेड करने के लिये प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर नौ स्टेट ऑफ आर्ट, कम्प्यूटर आधारित लैब स्थापित किये गये हैं/जा रहे हैं। सभी प्रयोगशालाओं में उपयुक्त सुविधाये जैसे कम्प्यूटर सिस्टम, मल्टीमीडिया प्रोजेक्टर और अन्य सहायक शैक्षिक साम्रगी की व्यवस्था रहेगी।

इन प्रयोगशालाओं के स्थापन का उद्देश्य इस प्रकार है-

  • सरकारी कर्मचारियों के लिये कम्प्यूटर प्रशिक्षण की व्यवस्था करना।

  • सूचनाओं के बहिर्गमन के लिये कर्मचारियों की सहायता करना।

  • नियोजन प्रक्रिया सूचना में सहायता करना।

वर्तमान समय में 7 ऐसी प्रयोगशालायें (दो यूपीडेस्को में, एक उत्तर प्रदेश प्रशासनिक और प्रबंध एकेडमी में, एक परिवहन विभाग में, एक नियोजन विभाग में तथा दो इलाहाबाद एवं कानपुर जनपदों में हैं और शीघ्र ही 2 अन्य (वाराणसी एवं गोरखपुर)चलन में आयेंगी। ये परियोजना यूपीडेस्को द्वारा क्रियान्वयित की जा रही है। भारत सरकार व प्रदेश सरकार 50:50 के अनुपात में इस योजना में साझेदारी कर रहे हैं।

भू-अभिलेखों का कम्प्यूटरीकरण :- भूमि के स्वामी के लाभ के लिये प्रत्येक जनपद के भू-अभिलेखों का कम्प्यूटरीकरण कर लिया गया है और इसने  मुकदमेबाजी को कम किया है।

कम्प्यूटर व साफ्टवेयर की उपलब्धता :- गवर्नेन्स में सूचना प्रौद्योगिकी के प्रयोग को बढ़ाने के लिये व हार्डवेयर, साफ्टवेयर की उपलब्धता के लिये, उत्तर-प्रदेश सरकार ने कम्प्यूटिंग संसाधनों के लिये दीर्घ-स्तर पर निवेश किया है। यूपीडेस्को, एक राज्य की कन्सलटैंसी संगठन, ने इस संदर्भ में एक अध्ययन किया है। 68 विभागों का विस्तृत अध्ययन करने के बाद यह पाया कि इन सरकारी विभागों में कम्प्यूटर से कार्य किया जाये और आगे की जरूरतों के लिये भी इसका उपयोग किया जाये। सचिवालय स्तर पर, सभी मुख्य सचिवों व सचिव के विभागों में कम्प्यूटर लगाये जा रहे हैं और इसके लिये विशेष तरह के साफ्टवेयर तैयार किये गये है। निम्न विभागों में पहले से ही सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित सिस्टम को लगाया जा चुका है :-

1.परिवहन विभाग :- इंटरनेट में विभागीय कार्यक्रमों का लेखा-जोखा उपलब्ध है और लाइसेन्स के लिये स्मार्ट कार्ड बनाने का कार्य प्रगति पर है।

2. कोषागार (ट्रेजरी) :- प्रदेश के सम्पूर्ण भाग में ट्रेजरी विभाग की प्राप्तियों और वेतन की रसीदो आदि का कम्पयूटरीकरण कर लिया गया है। भविष्य में सरकारी कर्मचारियों का वेतन, स्कालरशिप,  वृद्धावस्था पेंशन आदि का निष्पादन कम्प्यूटर के माध्यम से ही किया जायेगा।

3. लोक निर्माण व सिंचाई विभाग :- विश्व-बैंक के सहयोग से GIS तकनीक सम्मिलित करते हुए विस्तृत कम्प्यूटराईजेशन का कार्य किया जा रहा है।

4.चुनाव :- चुनाव से संबंधित सभी प्रक्रियाओं का कम्प्यूटरीकरण हो चुका है।

5.स्वास्थ्य :- स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर प्रबंध के लिए H.M.I.S. (स्वास्थ्य प्रबंध सूचना निकाय) का विश्व-बैंक की सहायता से क्रियान्वयन किया जा रहा है।

6. व्यापार कर:- व्यापारियों से राजस्व प्राप्ति से सम्‍बंधित कम्प्यूटरीकरण का कार्य प्रगति पर है।